Tuesday, 30 August 2022

आज मुझे कुछ बात करनी है जो मेरे मन में कही दिनों से चल रही है

Monday, 29 August 2022

હું ભૂલી ગઈ….

 ‘તમને શું ગમે છે એનું ધ્યાન રાખવામાં જ હું ભૂલી ગઈ કે મને શું ગમે છે.’




रूह तक सज़्दा-ए-ख़ामोशी में झुक जाती है

बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं,  अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं,  और खुद को उन्ह...