कुछ बातें हमें बर्दास्त कर नी पड़ती है..
क्योंकि उनसे हमारे अपनों की खुशिया जुडी होती है..
और अपनों की खुशियों के आगे तो कुछ भी नहीं है..
आजकल दिल और दिमाग पर एक अजीब सी ख़ामोशी और भारीपन छाया रहता है। कभी कभी लगता है जैसे पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है और मैं कहीं पीछे, बिल्कुल अक...
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