कुछ बातें हमें बर्दास्त कर नी पड़ती है.. क्योंकि उनसे हमारे अपनों की खुशिया जुडी होती है..और अपनों की खुशियों के आगे तो कुछ भी नहीं है..
कुछ बातें हमें बर्दास्त कर नी पड़ती है..
क्योंकि उनसे हमारे अपनों की खुशिया जुडी होती है..
और अपनों की खुशियों के आगे तो कुछ भी नहीं है..
सच बताना मेरा कर्तव्य है, उसे सही मानना या गलत, यह आपका निर्णय है।
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