अच्छे संस्कार वह नहीं है जो आपकी हाँ में हाँ मिलाए संस्कार सही वह हैं जो आपकी गलती पर आपको रोके, आपको डांट लगाये
ना तो कारवाँ की तलाश है, ना हमसफ़र की तलाश है… जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे, बस उसी रहगुज़र की तलाश है। (जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे) मतल...