अगर हम सफल नहीं हैं या हमारा कोई मूल्य नहीं है,
तो किसी और को दोष न दें, किसी को न कोसें।
आईने में देखें और अपनी गलती ढूँढें।
और गलती की वजह से जो परिणाम आया है,
उसे अपनी ही गलती समझें।
“अगर ऐसा होगा, तो हम सब खुश रहेंगे।”
अलिशा
आजकल दिल और दिमाग पर एक अजीब सी ख़ामोशी और भारीपन छाया रहता है। कभी कभी लगता है जैसे पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है और मैं कहीं पीछे, बिल्कुल अक...
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