Friday, 9 September 2022

महान

 सारे शहर में खुद खूब 

चिल्लाये की में महान हूं 

पर याद रख तेरी गलतियों पर 

जो चुप है वही महान कहलाता है।






रूह तक सज़्दा-ए-ख़ामोशी में झुक जाती है

बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं,  अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं,  और खुद को उन्ह...