सारे शहर में खुद खूब
चिल्लाये की में महान हूं
पर याद रख तेरी गलतियों पर
जो चुप है वही महान कहलाता है।
ख़ुद को आपको सौंपना आसान था, मुश्किल तो तब लगा… जब एहसास हुआ कि मेरी क़ीमत ही नहीं समझी गई।
No comments:
Post a Comment