मैं नहीं हम
मेरा नहीं अपनों का..
मेरी ख़ुशी नहीं अपनों की ख़ुशी..
मेरा दुःख नहीं अपनों का दुःख..
मेरा काम नहीं अपनों का काम..
बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं, अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं, और खुद को उन्ह...