कभी कभी सुना हुआ सच सच नहीं होता है, सच जानने के लिए दिमाग को नहीं दिल को दिल से पूछना चाहिए कि भाई क्या हुआ था? सब पता चल जायेगा, पर आपको क्यों सुनना है सच? जब की आप वो सुन ही नही पाओगे यह फिर सुन के नजर अंदाज कर दोगे....
अगर हम सफल नहीं हैं या हमारा कोई मूल्य नहीं है, तो किसी और को दोष न दें, किसी को न कोसें। आईने में देखें और अपनी गलती ढूँढें। और गलती की...
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