सच बताना मेरा कर्तव्य है,
उसे सही मानना या गलत, यह आपका निर्णय है।
ख़ुद को आपको सौंपना आसान था, मुश्किल तो तब लगा… जब एहसास हुआ कि मेरी क़ीमत ही नहीं समझी गई।
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