Sunday, 20 July 2025

 मैं नए रास्ते खोजूँगी,

आगे बढ़ूँगी और जीवन के हर पल को खुलकर जीऊँगी।
अच्छे लोगों से मिलूँगी, उनसे कुछ नया सीखूँगी।
कोई मेरे बारे में कितना भी बुरा क्यों न सोचे 
मैं हमेशा मजबूत रहूँगी।
मैं कभी खुद को नुकसान नहीं पहुँचाऊँगी।

अगर किसी ने मुझे निकाल दिया है,
तो यकीन मानिए, वो भी मेरे अच्छे के लिए ही हुआ है।
मेरा रास्ता इससे कहीं बड़ा है,
और आने वाला प्रोजेक्ट भी मेरे लिए बहुत खास होगा।

मुझे कोई चिंता नहीं करनी है।
भगवान सब देख रहे हैं 
और उन्होंने जो भी किया है, वो मेरे भले के लिए ही किया है।

आप मुझे रिजेक्ट कर सकते हैं, निकाल सकते हैं,
लेकिन मैं उससे कहीं बेहतर चीजों के लिए बनी हूँ।

मैं बहुत मजबूत हूँ।
ना मैं टूटूँगी, ना रुकूँगी।
मैं खुद की सबसे बड़ी ताकत हूँ।


No comments:

Post a Comment

रूह तक सज़्दा-ए-ख़ामोशी में झुक जाती है

बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं,  अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं,  और खुद को उन्ह...