ना तो कारवाँ की तलाश है,
ना हमसफ़र की तलाश है…
जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे,
बस उसी रहगुज़र की तलाश है।
(जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे) मतलब
जो रास्ता इंसान को ईश्वर (सच्चाई) से जोड़कर
उसे उसके अपने असली अस्तित्व से मिला दे।
ना तो कारवाँ की तलाश है,
ना हमसफ़र की तलाश है…
जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे,
बस उसी रहगुज़र की तलाश है।
(जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे) मतलब
जो रास्ता इंसान को ईश्वर (सच्चाई) से जोड़कर
उसे उसके अपने असली अस्तित्व से मिला दे।
"लड़कियों सुनो, अच्छा बनने के लिए कभी-कभी दुनिया की नजरों में बुरा बनना पड़ता है। पर डरना मत, क्योंकि थोड़ी तकलीफ़ और कुछ ताने सिर्फ तुम्हें मजबूत बनाएंगे। पीछे हटना कोई विकल्प नहीं है।
जो आज तुम्हें रोकते हैं, वही कल तुम्हारा उदाहरण देंगे। जहां पहुँचने की चाह है, वहां तक जाने के लिए बहुत कुछ खोना पड़ता है, लेकिन हर खोया हुआ पल तुम्हें और भी ताकतवर बनाता है।
दर्द, संघर्ष और असफलताएं ही तुम्हारी असली पहचान गढ़ते हैं। याद रखो, हर गिरावट तुम्हें ऊँचाईयों तक ले जाएगी, हर चुनौती तुम्हारे हौसले को परखती है।
अपनी कहानी खुद लिखो, अपने डर को मात दो और दुनिया को दिखा दो कि असली ताकत शब्दों या तानों में नहीं, बल्कि तुम्हारे जज़्बे और हौसले में छुपी है।
यही संघर्ष, यही लड़ाई तुम्हें इतिहास बनाने वाली बनाएगी और हर नजर जो तुम्हें कम आंकती है, वही कल तुम्हारी कामयाबी का गवाह बनेगी।"
आवाज़ दबाने वाले बहुत मिलेंगे,
पर पहचान बनाने वाली सिर्फ तुम हो.
दुनिया याद रखेगी सिर्फ तुम्हारी
उड़ान, उनका शोर नहीं.
उनकी कोशिश तुम्हें रोकने की होगी,
तुम्हारी ज़िद इतिहास बनाने की होनी चाहिए.
लोग चर्चा करेंगे तुम्हारी क़िस्मत की,
तुम कहानी लिखोगी अपनी मेहनत की.
हार मानने का सवाल ही नहीं,
क्योंकि मंज़िल भी तुम हो और सफ़र भी तुम हो.
Alisha
अगर हम सफल नहीं हैं या हमारा कोई मूल्य नहीं है, तो किसी और को दोष न दें, किसी को न कोसें। आईने में देखें और अपनी गलती ढूँढें। और गलती की...