Friday, 16 January 2026

मेरे हौसले आज भी ज़िंदा हैं।

रास्ते मुश्किल हैं तो क्या,

इरादे आज भी ज़िंदा हैं।

कुछ ख़ामोश क़दम हैं,

जिनके निशान अब भी ज़िंदा हैं।

हर ज़ख़्म मुझे याद दिलाता है,

कि ख़्वाब अब भी ज़िंदा हैं।

तूफ़ानों से हार कर भी,

मेरे हौसले आज भी ज़िंदा हैं।


No comments:

Post a Comment

क्योंकि मंज़िल भी तुम हो और सफ़र भी तुम हो.

आवाज़ दबाने वाले बहुत मिलेंगे, पर पहचान बनाने वाली सिर्फ तुम हो. दुनिया याद रखेगी सिर्फ तुम्हारी उड़ान, उनका शोर नहीं. उनकी कोशिश तुम्हें रो...