Wednesday, 21 January 2026

रूह तक सज़्दा-ए-ख़ामोशी में झुक जाती है

बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए…

क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं, 

अक्सर फ़रेब होती हैं।

हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं, 

और खुद को उन्हीं में गुम कर बैठते हैं। 

वो वादे बहुत ऊँचे करते हैं, 

हम अपनी हसरतें ज़मीन पर छोड़ आते हैं। 

हम यक़ीन करते रहते हैं, 

और वो हमें सिर्फ़ एक कहानी समझते हैं। 

जब उम्मीद टूटती है, तो दर्द सिर्फ़ दिल में नहीं होता,

रूह तक सज़्दा-ए-ख़ामोशी में झुक जाती है…




Tuesday, 20 January 2026

कभी किसी से उम्मीद मत रखो,

क्योंकि सबसे ज़्यादा दर्द वहीं से मिलता है

जहाँ सबसे ज़्यादा भरोसा होता है।

वक़्त सिखा देता है कि अपने सिवा

कोई भी हमेशा अपना नहीं होता।

और खामोशी तब और भारी हो जाती है,

जब जवाब हमें अपनों से चाहिए होते हैं।

- Alisha 

Sunday, 18 January 2026

દિલ હજુ વિશ્વાસ રાખે છે

 લોકો જરૂર મુજબ પ્રેમ કરે છે,

કામ પૂરું થાય એટલે સંબંધ પણ બદલાઈ જાય છે.

જેને કાલ સુધી આપણો સાથ સૌથી જરૂરી લાગતો હતો,

એજ આજે આપણાં અસ્તિત્વને પણ પ્રશ્ન કરે છે.


સંબંધો હવે લાગણીથી નહીં,

સુવિધાથી માપવામાં આવે છે.

જ્યાં સુધી આપણે કામના હોઈએ ત્યાં સુધી માન મળે છે,

અને જ્યારે કામ પૂરું થાય, ત્યારે

અપણી કિમત પણ શાંત થઈ જાય છે.


અમે ફરિયાદ નથી કરતા,

ફક્ત શીખી જઈએ છીએ 

કે દરેક સ્મિત પાછળ સચ્ચાઈ નથી હોતી,

અને દરેક વચન પાછળ ઈમાનદારી પણ નથી હોતી.


છતાં પણ દિલ હજુ વિશ્વાસ રાખે છે,

કારણ કે દિલ થાકી જાય છે,

પણ નફરત કરવાનું શીખતું નથી.


કોઈ તો હશે,

જે જરૂર માટે નહીં,

પરંતુ આપણા અસ્તિત્વ માટે જોડાશે 

અને ત્યારે પ્રેમ શબ્દ નહીં,

પણ શાંતિ બની જશે.





Friday, 16 January 2026

मेरे हौसले आज भी ज़िंदा हैं।

रास्ते मुश्किल हैं तो क्या,

इरादे आज भी ज़िंदा हैं।

कुछ ख़ामोश क़दम हैं,

जिनके निशान अब भी ज़िंदा हैं।

हर ज़ख़्म मुझे याद दिलाता है,

कि ख़्वाब अब भी ज़िंदा हैं।

तूफ़ानों से हार कर भी,

मेरे हौसले आज भी ज़िंदा हैं।


Tuesday, 16 December 2025

ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे

ना तो कारवाँ की तलाश है,

ना हमसफ़र की तलाश है…

जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे,

बस उसी रहगुज़र की तलाश है।

(जो ख़ुदा से ख़ुद तक पहुँचा दे) मतलब

जो रास्ता इंसान को ईश्वर (सच्चाई) से जोड़कर

उसे उसके अपने असली अस्तित्व से मिला दे।





Friday, 5 December 2025

अपने डर को मात दो

"लड़कियों सुनो, अच्छा बनने के लिए कभी-कभी दुनिया की नजरों में बुरा बनना पड़ता है। पर डरना मत, क्योंकि थोड़ी तकलीफ़ और कुछ ताने सिर्फ तुम्हें मजबूत बनाएंगे। पीछे हटना कोई विकल्प नहीं है। 

जो आज तुम्हें रोकते हैं, वही कल तुम्हारा उदाहरण देंगे। जहां पहुँचने की चाह है, वहां तक जाने के लिए बहुत कुछ खोना पड़ता है, लेकिन हर खोया हुआ पल तुम्हें और भी ताकतवर बनाता है। 

दर्द, संघर्ष और असफलताएं ही तुम्हारी असली पहचान गढ़ते हैं। याद रखो, हर गिरावट तुम्हें ऊँचाईयों तक ले जाएगी, हर चुनौती तुम्हारे हौसले को परखती है। 

अपनी कहानी खुद लिखो, अपने डर को मात दो और दुनिया को दिखा दो कि असली ताकत शब्दों या तानों में नहीं, बल्कि तुम्हारे जज़्बे और हौसले में छुपी है। 

यही संघर्ष, यही लड़ाई तुम्हें इतिहास बनाने वाली बनाएगी और हर नजर जो तुम्हें कम आंकती है, वही कल तुम्हारी कामयाबी का गवाह बनेगी।"




Tuesday, 2 December 2025

मंज़िल भी तुम हो और सफ़र भी तुम हो.

आवाज़ दबाने वाले बहुत मिलेंगे,

पर पहचान बनाने वाली सिर्फ तुम हो.

दुनिया याद रखेगी सिर्फ तुम्हारी 

उड़ान, उनका शोर नहीं.

उनकी कोशिश तुम्हें रोकने की होगी,

तुम्हारी ज़िद इतिहास बनाने की होनी चाहिए.

लोग चर्चा करेंगे तुम्हारी क़िस्मत की,

तुम कहानी लिखोगी अपनी मेहनत की.

हार मानने का सवाल ही नहीं,

क्योंकि मंज़िल भी तुम हो और सफ़र भी तुम हो.

Alisha


रूह तक सज़्दा-ए-ख़ामोशी में झुक जाती है

बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं,  अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं,  और खुद को उन्ह...