Wednesday, 7 April 2021

बताओ कैसे करे इस दिल से समझोता?

तु कहता है कि इश्क है मूजसे,

पर तु इश्क़ मुजसे नाप के करेगा,

तो कैसे बनेगा मेरा आशियाना।

तु यू हर एक से करेगा वादा,

तो कैसे बंधेगा ये मेरा धागा।

तु जिस्म का खेल मुजसे ओर, 

रूह में किसी और से मिलेगा।

तो बताए कैसे हम जीयेंगे ?

तु कहता है तुम बहुत अच्छी हो।

पर अच्छी बाते उनसे करोगे,

तो किस के पास हम रोएंगे।

तुम अरमान हो मेरे कहते हो, 

पर ओर वो लाला जोड़ा उनका?

कैसे करे हम इस दिल से समझोता।

                               - अलीशा 

               



5 comments:

“अगर ऐसा होगा, तो हम सब खुश रहेंगे।”

  अगर हम सफल नहीं हैं या हमारा कोई मूल्य नहीं है, तो किसी और को दोष न दें, किसी को न कोसें।  आईने में देखें और अपनी गलती ढूँढें।  और गलती की...