Thursday, 24 June 2021

शाही की इनकारी

 

सुबह हो या श्याम कल हो या अब
आपकी याद में इतने पन्ने लिख लिए
की
अब तो शाही भी इन्कार कर रही है
आपके नाम का दीदार करने से।




Sunday, 13 June 2021

आसमान कहां मिलता।

 हम इश्क में इतने डूब गए की

अब तो किनारा ही नहीं मिलता।


दुनिया में कहीं खो गए की

अब तो रास्ता ही नहीं मिलता।


इस कदर हम टूट गए है की

अब तो दिल कहीं नहीं मिलता।


अपनो ने हमे ठुकराया की

यहां औरो से प्यार कहा मिलता।


दर्द ए दिल इतना तड़पा की

मरहम यहां कहां मिलता।


हम केद है तेरे इश्क के पिंजरे में

यहां आसमान कहां मिलता।

                           - अलीशा







Wednesday, 12 May 2021

बेहतरीन शोख

 

कोई नई फेशन आती है ओर तुरंत हम
खरीद लेते है, ओर जट से पहेन लेते है।

अगर ऐसा होता तो अपको अभी खरीद लेते,
ओर अपने आप में आपको पहना देते।

आपको फेशन की वेरायटी नहीं बनाना है,
की आज ट्रेंड है ओर कल नहीं होगा।

आपको एक धागा बनाना वह ऐसा की,
जो मुझसे चालू होके आप में ख़तम होो।

आपको मेरी जरूरत नहीं बनाना है,
जरूरत कभी होती है कभी नहीं होती।

आपको मेरा बेहतरीन शोख बनाना है।
क्युकी...
शोख तो कभी मारने से भी नहीं मिटता।
                                       - अलीशा




Monday, 10 May 2021

लाल चेहरा

 

रंगो कि अब जरूरत नहीं
क्युकी
आंखो से निकले पानी का
रंग ही इतना गहरा था
कि
भीगा दिया पूरे चेहरे को
और
कर दिया पूरे चेहरे को लाल

  Alisha





Wednesday, 5 May 2021

જો એવું ક્યારેક થાય....


જો એવું ક્યારેક થાય 

મારા હાથ ની લકીરોમા

તારી લકીરો સમાઈ જાય


જો એવું ક્યારેક થાય

મારા ધબકારા નો અવાજ

તારા કાનમા સંભળાય જાય


જો એવું ક્યારેક થાય

તારી આંખ ના આંસુ 

મારી આંખમા વહી જાય


જો એવું ક્યારેક થાય

તારા આ દિલ નું દર્દ

મારા હૃદય ને મળી જાય


જો આવું ક્યારેક થાય 

તારી મંજિલ નું સાચું

એંધાણ મને મળી જાય


જો એવું ક્યારેક થાય 

તારો મીઠો મધુર સ્પર્શ

મારા રુંહ મા ભળી જાય


જો એવું ક્યારેક થાય

મારા કાગળ નું લખાણ

અચાનક તને મળી જાય


જો એવું ક્યારેક થાય

હકીકત હોઈ કે સપના મા

હા મા હા તારી મળી જાય

    - Alisha



 



Wednesday, 28 April 2021

तकलीफ तकदीर और सफलता

वो ख्वाइश भी सही नहीं
जो मुमकिन हो ना सके।

वो यादें भी  सही नहीं
जो  साथ रह ना सके।

वो प्यार भी सही नहीं
जो मुस्कुराहट बन ना सके।

वो तन्हाइयां भी सही नहीं
जो इस कदर रुला ना सकेे।

वो ख्वाब भी सही नहीं
जो खुली आंखो से पूरे ना हो सके।                                 - अलीशा




Sunday, 25 April 2021

यहां आसमान कहां मिलता।

 हम इश्क में इतने डूब गए की

अब तो किनारा ही नहीं मिलता।


दुनिया में कहीं खो गए की

अब तो रास्ता ही नहीं मिलता।


इस कदर हम टूट गए है की

अब तो दिल कहीं नहीं मिलता।


अपनो ने हमे ठुकराया की

यहां औरो से प्यार कहा मिलता।


दर्द ए दिल इतना तड़पा की

मरहम यहां कहां मिलता।


हम केद है तेरे इश्क के पिंजरे में

यहां आसमान कहां मिलता।

                           - अलीशा




मुश्किल तो तब लगा…

ख़ुद को आपको सौंपना आसान था, मुश्किल तो तब लगा…  जब एहसास हुआ कि मेरी क़ीमत ही नहीं समझी गई।