Thursday, 10 October 2019

Presentation Paper 10 The American literature

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रूह तक सज़्दा-ए-ख़ामोशी में झुक जाती है

बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं,  अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं,  और खुद को उन्ह...