कभी तेरी दहलीज तक नहीं आऊंगी
चाहके भी कभी तुझे अपना नहीं कहूँगी
खुद मिट जाउंगी खुद मर जाऊँगी
तेरे लिए तो सौ झूठ बोल जाउंगी
याद रखना
तेरी हर एक हा में हा थी
और हर एक ना में ना थी
सच बताना मेरा कर्तव्य है, उसे सही मानना या गलत, यह आपका निर्णय है।
No comments:
Post a Comment