कभी तेरी दहलीज तक नहीं आऊंगी
चाहके भी कभी तुझे अपना नहीं कहूँगी
खुद मिट जाउंगी खुद मर जाऊँगी
तेरे लिए तो सौ झूठ बोल जाउंगी
याद रखना
तेरी हर एक हा में हा थी
और हर एक ना में ना थी
बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं, अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं, और खुद को उन्ह...
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