Tuesday, 15 February 2022

कल्पना

उसकी आँखों में हमे अपनी दुनिया दिखाई देने लगी..

उसके होंठो पर हमे अपनी खुशिया दिखाई देने लगी..

मेरी धड़कन में अब उसकी तस्वीर बसने लगी…

पता ना चला कब कैसे…

चलते चलते मेरी तक़दीर बनने लगी...

1 comment:

अंदर से इतना खोखला कर दिया है.

आजकल दिल और दिमाग पर एक अजीब सी ख़ामोशी और भारीपन छाया रहता है। कभी कभी लगता है जैसे पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है और मैं कहीं पीछे, बिल्कुल अक...