उसकी आँखों में हमे अपनी दुनिया दिखाई देने लगी..
उसके होंठो पर हमे अपनी खुशिया दिखाई देने लगी..
मेरी धड़कन में अब उसकी तस्वीर बसने लगी…
पता ना चला कब कैसे…
चलते चलते मेरी तक़दीर बनने लगी...
बड़े लोगों से ताल्लुक़ नहीं रखना चाहिए… क्योंकि उनकी बातें रौशनी नहीं, अक्सर फ़रेब होती हैं। हम उन्हें ख़्वाब समझ लेते हैं, और खुद को उन्ह...
saras
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